उत्तरकाशी
सिल्ला-कुशकल्याण-सहस्त्रताल ट्रैक पर फंसे पर्यटकों की खोज एवं बचाव के लिए संचालित अभियान आज संपन्न हो गया है। इस रेस्क्यू अभियान में तेरह ट्रैकर्स को गत दिवस सुरक्षित निकाल लिया गया था। आज दूसरे दिन प्रातः अभियान की शुरूआत करते हुए वायु सेना के दो चीता हेलीकॉप्टर्स के जरिए घटनास्थल से चार शवों को निकाल कर नटीण हेलीपैड लाया गया। इस प्रकार, हादसे में मरने वाले ट्रैकर्स की संख्या नौ हो गई है। उधर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सिल्ला-कुशकल्याण-सहस्त्रताल ट्रैक पर फंसे पर्यटकों की खोज एवं बचाव के लिए संचालित रेस्क्यू अभियान पर निरंतर नजर रखे रहे। उन्होंने रेस्क्यू अभियान में हर संभव विकल्पों और संसाधनों का प्रयोग करने की हिदायत दी थी।
हादसे में घटनास्थल से सुरक्षित निकाले गए 8 लोगों को गत दिवस देहरादून भेजा जा चुका है। जबकि यहां रूके पॉंच अन्य ट्रैकर्स को आज देहरादून भेजा जा रहा है। घटनास्थल से बरामद सभी नौ शवों को नटीण हेलीपैड से जिला अस्पताल उत्तरकाशी लाकर पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई की जा रही है। कुछ देर बाद इन सभी शवों को वायु सेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर से देहरादून भेजा जाएगा।
आज सुबह घटनास्थल से एसडीआरएफ के तीन रेस्क्यूअर्स को भी हेलीकॉप्टर की मदद से नटीण लाया गया है और रेस्क्यू के लिए जमीनी रास्ते से आगे बढ रही टीमों को भी वापस लाने की कार्रवाई चल रही है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर हादसे की सूचना मिलते ही रातों-रात वायु सेना से लेकर निजी कंपनियों के हेलीकॉप्टर्स जुटाने के साथ ही उच्च हिमालयी क्षेत्रों में रेस्क्यू करने में दक्ष व अनुभवी रेस्क्यूअर्स की अनेक टीमों को तैयार कर अगले दिन तड़के ही कई दिशाओं से जमीनी व हवाई रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया गया और दोपहर होने तक सभी जीवित ट्रैकर्स को सुरक्षित निकाल लिया गया था।
मुख्यमंत्री शुरू से इस अभियान को लेकर निरंतर जिलाधिकारी से अपडेट लेते रहे। मुख्यमंत्री ने इस हादसे में ट्रैकर्स की मौत होने पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए अधिकारियों को इस रेस्क्यू अभियान में हर संभव विकल्पों पर कार्रवाई करने के साथ ही उत्कृष्ट संसाधनों एव विशेषज्ञ रेस्क्यूअर्स को जुटाने के निर्देश देते हुए कहा था कि सहस़्त्रताल क्षेत्र में फंसे जीवित पर्यटकों के जीवन के रक्षा के लिए कोई भी कसर न रखी जाए।
मुख्यमंत्री ने इस जटिल व अत्यंत चुनौतीपूर्ण अभियान को तेजी से संचालित करने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे सभी लोगों, विभागों व संगठनों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पूरी दक्षता, क्षमता व तत्परता के साथ रेस्क्यू अभियान संचालित करने के फलस्वरूप इस हादसे में जीवित सभी व्यक्तियों को गत दिन ही सुरक्षित निकालने में सफलता मिली है।

More Stories
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा आयोजित NEET(UG) की परीक्षा के लिये दून पुलिस ने कसी कमर, परीक्षा केंद्रों में स्थापित कंट्रोल रूम, जैमर, सीसीटीवी कैमरो की क्रियाशीलता, प्रवेश/निकासी की व्यवस्था आदि का लिया जायजा
हवा में नकली पिस्टल लहराना पडा भारी, दून पुलिस ने उतारी खुमारी, वाहन चालक के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही करते हुए फारच्यूनर कार को एमवी एक्ट में किया सीज
पीएम किसान सम्मान निधि के तहत प्रदेश के किसानों के खातों में पहुंची 159 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि, उत्तराखंड के 8 लाख से अधिक किसानों को मिला लाभ: मुख्यमंत्री