देहरादून: दंगा और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मी अब नियमित अभ्यास करेंगे। साथ ही पुलिसकर्मियों को फिट रखने के लिए दैनिक परेड भी फिर से शुरू की जा रही है। इसके अलावा टेंट लगाने और शस्त्रों को खोलने-बंद करने का भी नियमित अभ्यास करना होगा। यह निर्देश वरिष्ठ पुलिस अधीक्षण (एसएसपी) डॉ. योगेंद्र सिंह रावत ने बुधवार को पुलिस लाइन के वार्षिक निरीक्षण में दिए।
एसएसपी ने व्यवस्था में सुधार के लिए प्रतिसार निरीक्षक को निर्देशित किया कि समस्त थाना प्रभारी और वरिष्ठ उप निरीक्षक प्रत्येक शुक्रवार को थाने के आधे पुलिस बल के साथ बलवा ड्रिल, दंगा नियंत्रण व टेंट लगाने का अभ्यास करें। जिससे दंगा और आपदा के समय कम से कम समय में त्वरित कार्रवाई और राहत-बचाव कार्य किया जा सके। इसके बाद एसएसपी ने क्वार्टर गारद के निरीक्षण के दौरान गारद से स्टैंड-टू की कार्रवाई कराई। शस्त्रागार में उन्होंने सभी शस्त्रों का निरीक्षण कर उपस्थित अधिकारियों से शस्त्रों की जानकारी ली। एसएसपी ने कार्यालय ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों को भी दैनिक परेड में शामिल होने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि कार्यालय में तैनात पुलिसकर्मी शारीरिक रूप से सुस्त न हो जाएं, इसलिए उनका परेड में शामिल होना अनिवार्य किया जा रहा है।
गौरतलब है कि, पुलिस लाइन में होने वाली दैनिक परेड पिछले वर्ष कोरोना के कारण बंद कर दी गई थी। एसएसपी ने कहा कि अब हालात सामान्य होने लगे हैं। पुलिसकर्मियों का टीकाकरण भी हो चुका है। ऐसे में परेड बंद रखने का कोई औचित्य नहीं।

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