प्रस्तावित राशि के अंतर्गत पिथौरागढ़ में पेयजल एवं सीवरेज तथा सितारगंज, रुद्रपुर और काशीपुर में पेयजल व्यवस्था से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं, जिनकी DPR (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) पहले ही तैयार की जा चुकी हैं।
इस अवसर पर आर्थिक कार्य विभाग, वित्त मंत्रालय की ओर से श्रीमती अपर्णा भाटिया, EIB से मैक्सीमीलियन और उत्तराखण्ड शासन से सचिव चन्द्रेश कुमार के मध्य वर्चुअल माध्यम से वार्ता हुई। आर्थिक कार्य विभाग ने सभी DPRs की समीक्षा कर EIB को साझा किया था। बैठक में EIB द्वारा इन परियोजनाओं को मंजूरी दी गई।
बैठक में EIB एवं आर्थिक कार्य विभाग ने परियोजना की तैयारी और प्रस्तुति के लिए UUSDA की प्रशंसा की। यह भी निर्णय लिया गया कि जून 2025 में परियोजना अभिलेखों पर हस्ताक्षर होंगे और निविदा प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी।
कार्यक्रम निदेशक चन्द्रेश कुमार ने बताया कि पिथौरागढ़ जैसे सीमांत नगर में पेयजल एवं स्वच्छता सेवाओं की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है। इन मूलभूत सुविधाओं से जीवन स्तर में सुधार आता है, जिससे राज्य के समग्र विकास को गति मिलती है।
बैठक में अपर सचिव वित्त श्रीमती अमीता जोशी, अपर कार्यक्रम निदेशक विनय मिश्रा, वित्त नियंत्रक बीरेन्द्र कुमार, वैभव बहुगुणा तथा विशेषज्ञ राजीव कुमार एवं अमीताब बासू सरकार उपस्थित रहे।
प्रदेश में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए हम लगातार काम कर रहे हैं। प्रस्तावित योजना से लाभान्वित होने वाले शहरी क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति के साथ स्वच्छता को बढ़ावा मिलेगा ।
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