देहरादून
उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों के बाद अब सरकार ने अशासकीय स्कूलों के छात्र-छात्राओं को बड़ी सौगात दी है। इन स्कूलों के 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को अगले शिक्षा सत्र 2023-24 से मुफ्त किताबें मिलेंगी। इससे लगभग एक लाख आठ हजार छात्र लाभान्वित होंगे।
विभाग की ओर से तैयार किए गए इसके प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। प्रस्ताव में कहा गया है कि सरकारी और अशासकीय स्कूलों के 9वीं से 12वीं तक के सभी छात्र-छात्राओं को मुफ्त किताबें दी जाएंगी।
सरकारी और अशासकीय स्कूलों के कक्षा एक से आठवीं तक के छात्र-छात्राओं को समग्र शिक्षा के तहत मुफ्त पाठ्य पुस्तकें दी जा रही हैं। किताबों पर आने वाले खर्च को केंद्र सरकार वहन करती है। पिछले साल सरकारी स्कूलों के 9वीं से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं को भी मुफ्त किताबें दी गईं। इस पर अशासकीय स्कूल भी सरकारी स्कूलों की तरह इन कक्षाओं के छात्रों को मुफ्त किताब दिए जाने की मांग कर रहे थे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस वर्ष 15 नवंबर को विभाग की समीक्षा बैठक में अशासकीय स्कूलों के कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं को भी सरकारी स्कूलों की तरह मुफ्त किताबें दिए जाने के निर्देश दिए थे।
मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में विभाग की ओर से तैयार किए गए इसके प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। प्रस्ताव में कहा गया है कि सरकारी और अशासकीय स्कूलों के 9वीं से 12वीं तक के सभी छात्र-छात्राओं को मुफ्त किताबें दी जाएंगी। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक कैबिनेट के इस प्रस्ताव से अशासकीय स्कूलों के एक लाख 8 हजार और सरकारी स्कूलों के लगभग तीन लाख 43 हजार छात्र लाभान्वित होंगे।

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