देहरादून
सशक्त उत्तराखंड@चिंतन शिविर के आज के समापन सत्र में स्वास्थ्य विषय पर स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार द्वारा प्रस्तुतिकरण दिया गया।
उन्होंने बताया कि राज्य में चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ की कमी बनी हुई है जिसे दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों को और अधिक वेतन दिए जाने पर विचार किया जा रहा है। इसके अलावा पीपीपी मॉडल को अपनाया गया है ताकि मानव संसाधन को बढ़ाया जा सके। वहीं, मानव संसाधन प्रबंधन के लिहाज से बताया गया कि अभी विभाग के पास कोई ट्रांसफर पालिसी नहीं है जिसकी वजह से समस्या आ रही है। अगर इस क्षेत्र में पीपीपी मॉडल से भर्ती करते हैं तो इस समस्या को काफी हद तक दूर किया जा सकता है।
स्वास्थ्य सचिव द्वारा बताया गया कि विभाग द्वारा विशेष रूप से डेडिकेटेड हाई एल्टीट्यूड सिस्टम बनाया जा रहा है। यह ऐसी टीम होगी जिससे यात्रा के दौरान मृत्यु दर को कम करने में मदद मिलेगी। वहीं, चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में निजी सेक्टर को आकर्षित करने की जरूरत है।

More Stories
वारंटियों के विरूद्ध दून पुलिस की ताबड़तोड़ कार्यवाही, विभिन्न प्रकरणों में फरार चल रहे 15 वारंटियों को विगत 2 दिनों में किया गिरफ्तार
एसएसपी देहरादून के निर्देशों पर “ड्रग्स फ्री कैम्पस” अभियान के तहत दून पुलिस की बड़ी कार्यवाही, क्लेमेंटाउन क्षेत्र में निजी शिक्षण संस्थान से बिना पूर्व सूचना के औचक निरीक्षण हेतु पहुँची ANTF व डाक्टरों की सयुक्त टीमें, 100 छात्र-छात्राओं का रेंडमली ड्रग्स किट से किया गया यूरिन टेस्ट
सार्वजनिक स्थान पर हुड़दंग करने वालो को दून पुलिस ने पढ़ाया कानून का पाठ, हुड़दंग करने वाले 5 व्यक्तियोँ को किया गिरफ्तार