देहरादून
प्रदेश के पंचायती राज मंत्री सतपाल महाराज ने उत्तराखंड त्रिस्तरीय पंचायत संगठन द्वारा नौ सितंबर को उनके सरकारी आवास घेराव को राजनीति से प्रेरित बताते हुए संगठन के प्रदेश संयोजक पर आरोप लगाया है कि वह उनके विरुद्ध झूठा और भ्रामक प्रचार कर गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।
पंचायत राज मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायत संगठन के संयोजक जगत मर्तोलिया का यह कहना कि मुख्यमंत्री ने पंचायतों का कार्यकाल दो वर्ष बढ़ाने जाने के लिए रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी उन्हें दी थी। सरासर झूठा और उनके विरुद्ध भ्रामक प्रचार के अलावा और कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि 31 जुलाई 2024 को मुख्यमंत्री के साथ जो बैठक हुई थी उसमें संगठन की ओर से कहा गया था कि कोरोना कल के अंदर झारखंड में पंचायतों का कार्यकाल बढ़ाया गया इसलिए उत्तराखंड में भी कार्यकाल बढ़ाया जाए। वार्ता के दौरान स्पष्ट रूप से संगठन के लोगों को बताया गया कि वहां कोरोना काल के बीच पंचायत चुनाव आ गये थे इसलिए उनका कार्यकाल बढ़ाया गया। जबकि हमारे यहां कोरोना काल समाप्त हो चुका है। इसलिए संवैधानिक बाध्यता है कि समय पर त्रिस्तरीय पंचायत के चुनाव करा लिए जाएं। इसके बावजूद भी मुख्यमंत्री ने उनकी मांगों का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए लॉर्ड डिपार्टमेंट से परीक्षण करवाने की बात कह कर उसे विधि विभाग को भेज दिया था और कहा था कि परीक्षण के बाद ही इस पर विचार किया जायेगा। जहां तक पंचायतों का कार्यकाल दो साल बढ़ाने की बात है तो ऐसी कोई भी बात नहीं हुई थी।
पंचायतीराज मंत्री महाराज ने कहा कि मेरे विरुद्ध संगठन के संयोजक के द्वारा जो भ्रामक प्रचार किया जा रहा है वह मनगढ़ंत झूठा और राजनीति से प्रेरित है। पंचायत संगठन द्वारा कार्यकाल बढ़ाने की जो भी मांग है उस पर परीक्षण रिपोर्ट और संविधान के अनुरूप ही विचार किया जाएगा।

More Stories
महंगे शौकों को पूरा करने की लत ले पहुंची सलाखों के पीछे, हाइप्रोफाइल ड्रग्स की तस्करी मे लिप्त दिल्ली के सिद्धू गैंग के 6 नशा तस्करो को अलग-अलग स्थानो से दून पुलिस ने किया गिरफ्तार
बद्रीनाथ में बना आस्था का नया कीर्तिमान, यात्री संख्या के सभी पुराने रिकॉर्ड टूटे, धाम में पहली बार पहुंचे 17.79 लाख से अधिक श्रद्धालु
15 अक्टूबर तक गड्ढामुक्त होंगी उत्तराखंड की सड़कें, हर जिले में युद्धस्तर पर काम शुरू, सीएम धामी की सख्ती के बाद फील्ड में उतरीं टीमें, पहाड़ से मैदान तक चल रहा मरम्मत अभियान; तय समयसीमा के बाद खुद सड़कों का जायजा लेंगे मुख्यमंत्री