काशीपुर
जाके राखों सांइया मार सके न कोय
जी हां ये कहावत उस समय चरितार्थ हो गयी जब ई रिक्शा से छिटककर एक मासूम बच्ची सड़क पर गिर पड़ी और पीछे से आ रही थी एक बस ये सब देख लिया डयूटी पर तैनात आरक्षी सुंदरलाल ने और उसने अपनी जान की परवाह किये बिना बस के आगे दौड़कर बच्ची को सड़क से उठा लिया जिससे उसकी जान बच गयी। सोशल मीडिया पर जो वीडियो जमकर वायरल हो रही है वह वीडियो काशीपुर के चीमा चौराहा की है जहां सीपीयू का सिपाही सुंदरलाल अपनी जान जोखिम में डालकर रिक्शा से गिरी बच्ची को उठाने के लिए दौड़ता है वीडियो ध्यान से देखिए किस तरीके से वह बस को हाथ देकर एकदम तेजी से दौड़ पड़ता है और बस रुकी या नहीं उस पर ध्यान न देकर बच्चे की जान बचाने का सिर पर जुनून में सिपाही ने अपनी जान तक दांव पर लगा दी, कल्पना करिए बस ड्राइवर का ध्यान कहीं और होता या फिर बस की स्पीड के झुकती या बस के इमरजेंसी ब्रेक नहीं आते तो क्या होता

More Stories
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा आयोजित NEET(UG) की परीक्षा के लिये दून पुलिस ने कसी कमर, परीक्षा केंद्रों में स्थापित कंट्रोल रूम, जैमर, सीसीटीवी कैमरो की क्रियाशीलता, प्रवेश/निकासी की व्यवस्था आदि का लिया जायजा
हवा में नकली पिस्टल लहराना पडा भारी, दून पुलिस ने उतारी खुमारी, वाहन चालक के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही करते हुए फारच्यूनर कार को एमवी एक्ट में किया सीज
पीएम किसान सम्मान निधि के तहत प्रदेश के किसानों के खातों में पहुंची 159 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि, उत्तराखंड के 8 लाख से अधिक किसानों को मिला लाभ: मुख्यमंत्री