
देहरादून
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखंड के पूर्व पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी द्वारा लिखित उपन्यास “भंवर एक प्रेम कहानी“ का विमोचन किया। अनिल रतूड़ी द्वारा लिखित 350 पृष्ठों का यह उपन्यास विनसर प्रकाशन द्वारा प्रकाशित किया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उपन्यास के लेखक अनिल रतूड़ी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि एक वर्दीधारी अधिकारी जब एक प्रेम कथा लिखते हैं, तो इससे अनुमान लगाया जा सकता है की इनके हृदय में किस तरह के भाव होंगे। इस उपन्यास में उन्होंने अपने जीवन में घटित सभी संस्मरणों एवं अनुभूतियों का वर्णन किया है। अपने कार्यों के साथ उन्होंने जिस तरह अपनी साहित्यिक अनुभूतियों को बचा कर रखा वह प्रशंसनीय है। मुख्यमंत्री ने कहा की इस उपन्यास के माध्यम से मानव जीवन के विभिन्न पहलुओं को दर्शाने का सराहनीय प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि कोई भी कार्य तब ज्यादा अच्छा होता है, जब हम उस कार्य को करने के लिए स्वतंत्र हों। कार्य की स्वतंत्रता के लिए जरूरी है कि कोई भी व्यक्ति सुविधा का दास न बने। मुख्यमंत्री ने “भंवर एक प्रेम कहानी“ उपन्यास के कुछ मुख्य अंशों का जिक्र भी किया।
पूर्व मुख्य सचिव नृप सिंह नपलच्याल, उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति डॉ. सुधा रानी पांडे एवं ललित मोहन रयाल ने उपन्यास “ भंवर एक प्रेम कहानी“ की विस्तार से समीक्षा की।
“भंवर एक प्रेम कहानी“ उपन्यास के विमोचन के अवसर पर साहित्यकार एवं कवि पद्मश्री लीलाधर जगूड़ी, उपन्यास के लेखक अनिल रतूड़ी, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस संधू, पूर्व मुख्य सचिव श्री एस रामास्वामी, अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, साहित्यकार डॉ. राम विनय सिंह मौजूद थे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उपन्यास के लेखक अनिल रतूड़ी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि एक वर्दीधारी अधिकारी जब एक प्रेम कथा लिखते हैं, तो इससे अनुमान लगाया जा सकता है की इनके हृदय में किस तरह के भाव होंगे। इस उपन्यास में उन्होंने अपने जीवन में घटित सभी संस्मरणों एवं अनुभूतियों का वर्णन किया है। अपने कार्यों के साथ उन्होंने जिस तरह अपनी साहित्यिक अनुभूतियों को बचा कर रखा वह प्रशंसनीय है। मुख्यमंत्री ने कहा की इस उपन्यास के माध्यम से मानव जीवन के विभिन्न पहलुओं को दर्शाने का सराहनीय प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि कोई भी कार्य तब ज्यादा अच्छा होता है, जब हम उस कार्य को करने के लिए स्वतंत्र हों। कार्य की स्वतंत्रता के लिए जरूरी है कि कोई भी व्यक्ति सुविधा का दास न बने। मुख्यमंत्री ने “भंवर एक प्रेम कहानी“ उपन्यास के कुछ मुख्य अंशों का जिक्र भी किया।
पूर्व मुख्य सचिव नृप सिंह नपलच्याल, उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति डॉ. सुधा रानी पांडे एवं ललित मोहन रयाल ने उपन्यास “ भंवर एक प्रेम कहानी“ की विस्तार से समीक्षा की।
“भंवर एक प्रेम कहानी“ उपन्यास के विमोचन के अवसर पर साहित्यकार एवं कवि पद्मश्री लीलाधर जगूड़ी, उपन्यास के लेखक अनिल रतूड़ी, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस संधू, पूर्व मुख्य सचिव श्री एस रामास्वामी, अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, साहित्यकार डॉ. राम विनय सिंह मौजूद थे।

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