देहरादून
मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना में टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली, देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ को भी शामिल कर लिया गया है। इसके लिए 88 नई एमपैक्स का चयन कर लिया गया है। सचिव सहकारिता डॉ.बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बताया कि 11 जिलों में कुल 150 बहुद्देश्यीय प्रारंभिक कृषि ऋण समितियों (एमपैक्स) के माध्यम से योजना का संचालन किया जाएगा।
अभी तक प्रदेश के चार जिलों में संचालित हो रही मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना अब सभी पर्वतीय जिलों में चलेगी। नैनीताल और देहरादून के पर्वतीय विकास खंडों को भी योजना में शामिल किया गया है। इससे प्रदेश की तीन लाख से अधिक महिलाओं को फायदा होगा।
अभी चार जिलों पौड़ी, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा और चंपावत में 62 एमपैक्स के जरिये 75 प्रतिशत अनुदान पर महिलाओं को साइलेज वितरित किया जा रहा था। अब योजना में टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली, देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ को भी शामिल कर लिया गया है। इसके लिए 88 नई एमपैक्स का चयन कर लिया गया है।
सहकारिता मंत्री डॉ.धन सिंह रावत की ओर से पिछले दिनों सचिव सहकारिता व मुख्य परियोजना निदेशक डॉ.बीवीआरसी पुरुषोत्तम को इसके निर्देश दिए गए थे। मंत्री ने बताया कि योजना के तहत पैक्ड सायलेज (सुरक्षित हरा चारा) और संपूर्ण मिश्रित पशुआहार (टीएमआर) उपलब्ध होगा। सरकार एक ओर जहां मक्के की खेती कराने में सहयोग देगी तो दूसरी ओर उनकी फसलों का क्रय भी करेगी।
सचिव सहकारिता डॉ.बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बताया कि 11 जिलों में कुल 150 बहुद्देश्यीय प्रारंभिक कृषि ऋण समितियों (एमपैक्स) के माध्यम से योजना का संचालन किया जाएगा। बताते चलें कि पर्वतीय क्षेत्रों में सहकारिता विभाग की राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना के तहत मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना का केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 30 अक्तूबर 2021 में देहरादून में शुभारंभ किया था। शुरू में इस योजना में दो ही जिलों को शामिल किया गया था।

More Stories
रानीपोखरी में 8 से 10 बीघा भूमि पर अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त, प्राधिकरण की बड़ी कार्रवाई, उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी बोले—अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ जारी रहेगा अभियान
संदिग्धों की तलाश हेतु अलग अलग थाना क्षेत्रों में पुलिस ने चलाया सत्यापन अभियान, 21 संदिग्ध व्यक्तियों को लाया गया थाने, की जा रही पूछताछ
जनपद में प्रस्तावित वीवीआईपी भ्रमण कार्यक्रम के दृष्टिगत उच्चाधिकारियों द्वारा सुरक्षा में नियुक्त पुलिस बल को किया ब्रीफ