
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने वाले कलाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराएं और धार्मिक विरासत समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करती हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं और भगवान श्रीकृष्ण के जीवन एवं उपदेशों से परिचित होने का अवसर मिलता है।
मुख्यमंत्री ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन सत्य, धर्म, कर्तव्य, कर्म और लोककल्याण की प्रेरणा देता है। श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा दिया गया कर्मयोग का संदेश आज भी पूरी मानवता के लिए प्रासंगिक है। उन्होंने प्रदेशवासियों से भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने और समाज एवं प्रदेश के विकास में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने भी सभी प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में श्रीमती गीता धामी, पूर्व मुख्यमंत्री एवं महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी, अन्य जनप्रतिनिधि, मुख्य सचिव सहित पुलिस महानिदेशक एवं शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा अन्य प्रशासनिक कार्मिक उपस्थित रहे।

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