बता दें कि 30 अप्रैल को यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा का आगाज हो गया था। दो मई को केदार धाम के कपाट भी भक्तों के दर्शनार्थ खोल दिए गए। रविवार चार मई को बद्रीनाथ धाम के कपाट भी आम श्रद्धालुओं के लिए खुल जाएंगे। केदारनाथ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है। यहां भक्तों का रैला उमड़ रहा है। इसे देखते हुए आगामी दिनों में यहां श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि होने का अनुमान है। भीड़ प्रबंधन को सुव्यवस्थित करने के लिए इस वर्ष पहली बार दर्शन के लिए टोकन व्यवस्था शुरू की गई है ताकि हर यात्री सुगमता से दर्शन कर सके। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी जरूरी प्रबंध किए गए हैं।
केदारपुरी में बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अब फ्री वाईफाई की सुविधा उपलब्ध होगी। शनिवार को इसका सफल ट्रायल होने के बाद यह सुविधा श्रद्धालुओं को समर्पित कर दी गई है। श्रद्धालुओं ने इस पर खुशी जाहिर करते हुए सरकार और जिला प्रशासन के प्रति आभार प्रकट किया है।
कोट—-
सुरक्षित यात्रा हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। भगवान बाबा केदार की यात्रा सबसे कठिन यात्रा है। यहां श्रद्धालुओं की सुविधा पर विशेष ध्यान दिया गया है। पैदल यात्रा मार्ग को बेहतर बनाया गया है। श्रद्धालुओं को त्वरित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो, इसके लिए स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती की गई है। रुद्रप्रयाग जिला आपदा की दृष्टि से अति संवेदनशील है, लिहाजा जनपद में एक अलग मोबाइल नेटवर्क स्थापित किया गया है।
पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री, उत्तराखंड

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